जसरासर: होली की रामा-श्यामा के शुभ अवसर पर जसरासर क्षेत्र के साधासर गांव के मुख्य ग्वाड़ में गांव के गणमान्य नागरिकों की एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में गांव में प्रचलित कुछ सामाजिक कुरीतियों को लेकर चर्चा की गई और कई प्रस्ताव सामने रखे गए।
बैठक में प्रस्ताव रखा गया कि गांव में विवाह, धार्मिक तथा राजनीतिक कार्यक्रमों सहित अन्य आयोजनों में डीजे और पटाखों को पूर्ण रूप से बंद किया जाए। इसके अलावा विवाह समारोह में बहन-बेटियों द्वारा बर्तन, बेस आदि बांटने की परंपरा बंद करने तथा किसी बुजुर्ग व्यक्ति के निधन के बाद मिलने आने वाली महिलाओं को बेस (कपड़ा) देने की प्रथा बंद करने पर भी चर्चा की गई।
हालांकि बैठक में मौजूद कई ग्रामीणों के अनुसार डीजे बंद करने के प्रस्ताव पर सर्वसम्मति नहीं बन पाई। उपस्थित लोगों में से लगभग 90 प्रतिशत लोग डीजे बंद करने के पक्ष में नहीं थे, जिसके कारण इस विषय पर मतभेद की स्थिति बनी रही।
बैठक में एक और महत्वपूर्ण मुद्दा यह भी उठा कि गांव में किसी बुजुर्ग व्यक्ति के निधन के बाद होने वाले “मृत भोजन” की परंपरा को भी बंद किया जाए। इस प्रस्ताव पर लगभग 100 में से 95 प्रतिशत ग्रामीण सहमत थे, लेकिन कुछ ही लोगों की असहमति के कारण इस पर अंतिम निर्णय नहीं लिया जा सका। ग्रामीणों का कहना है कि सामाजिक सुधार के लिए चर्चा होना आवश्यक है, लेकिन कुछ मुद्दों पर अभी भी गांव में अलग-अलग मत बने हुए हैं, जिस पर भविष्य में फिर से विचार किया जा सकता है।
ग्रामीणों का कहना है कि समाज में सकारात्मक बदलाव के लिए चर्चा और संवाद जरूरी है। बैठक के अंत में यह बात सामने आई कि गांव की एकता और परंपराओं को ध्यान में रखते हुए भविष्य में फिर से इस विषय पर विचार किया जा सकता है, ताकि ऐसा निर्णय लिया जाए जिससे पूरे गांव की सहमति बनी रहे।











